Archive for the ‘विचार मंच’ Category

शिव परं ब्रह्म हैं एवं सम्पुर्ण जड एवं चेतन जगत में व्याप्त हैं। शिव ही त्रीदेव हैं। पर अनेक बार भ्रांतिवश, हम न सिर्फ हम उन्हे अलग समझते हैं वरण उनके ही स्वरूपों में किसी एक को अन्य से श्रेष्ठ समझ दुसरे से ईर्ष्या भी करते हैं। उन सर्वव्यापक शिव के विवध स्वरूप एवं उनमे एका का वर्णन Continue reading

अनादि, अनंत, देवाधिदेव, महादेव शिव परंब्रह्म हैं| सहस्र नामों से जाने जाने वाले त्र्यम्बकम् शिव साकार, निराकार, ॐकार और लिंगाकार रूप में देवताओं, दानवों तथा मानवों द्वारा पुजित हैं| महादेव रहस्यों के भंडार हैं| बड़े-बड़े ॠषि-महर्षि, ज्ञानी, साधक, भक्त और यहाँ तक कि भगवान भी उनके संम्पूर्ण रहस्य नहीं जान पाए| उन्ही महादेव के चरित्र चित्रण की एक तुच्छ परंतु भक्तिपुर्ण प्रयास Continue reading

29
Mar

शिव शून्य हैं

   Posted by: विवेक Tags: , , ,

प्रायः हम प्रकाश को सत्य, ज्ञान , शुभ, पून्य तथा सात्विक शक्तियों का द्योतक समझते हैं तथा अंधकार की तुलना अज्ञान, असत्य जैसे अवगुणों से करते हैं| पर क्या शिव तुल्य अनादि अनंत एवं सर्वव्यापक अन्धकार अवगुणो का प्रतिक मात्र हो सकता है? Continue reading