शिव

   Author: विवेक   category: विचार मंच

अनादि, अनंत, देवाधिदेव, महादेव शिव परंब्रह्म हैं| सहस्र नामों से जाने जाने वाले त्र्यम्बकम् शिव साकार, निराकार, ॐकार और लिंगाकार रूप में देवताओं, दानवों तथा मानवों द्वारा पुजित हैं| महादेव रहस्यों के भंडार हैं| बड़े-बड़े ॠषि-महर्षि, ज्ञानी, साधक, भक्त और यहाँ तक कि भगवान भी उनके संम्पूर्ण रहस्य नहीं जान पाए| उन्ही महादेव के चरित्र चित्रण की एक तुच्छ परंतु भक्तिपुर्ण प्रयास Continue reading

रावण परम शिव भक्त था। रावण ने स्वयं द्वारा ही रचित इस शिव ताण्डव स्त्रोत द्वारा महादेव को इतना प्रसन्न कर लिया कि वो त्रिलोक विजय बनने में सफल हो पाया … Continue reading

शिव शून्य हैं

   Author: विवेक   category: विचार मंच

प्रायः हम प्रकाश को सत्य, ज्ञान , शुभ, पून्य तथा सात्विक शक्तियों का द्योतक समझते हैं तथा अंधकार की तुलना अज्ञान, असत्य जैसे अवगुणों से करते हैं| पर क्या शिव तुल्य अनादि अनंत एवं सर्वव्यापक अन्धकार अवगुणो का प्रतिक मात्र हो सकता है? Continue reading