Posts Tagged ‘अष्टक’

इस जगत के सम्पूर्ण चर, अचर प्राणी (पशु) के स्वामी भगवान शिव ही हैं| उन सहस्त्र नामों से जाने जाते हैं महेश्वर के आठ प्रमुख नामों में एक है – पशुपति जो शिव के प्राणीमात्र के स्वामी होने को इंगित करता है | प्रस्तुत अष्टक शिव के इन्ही पशुपति स्वरूप की स्तुति है | Continue reading

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7
Dec

शिवाष्टकम

   Posted by: विवेक    in स्त्रोत्

शिव के प्रशंसा में अनेकों अष्टकों की रचना हुई है जो शिवाष्टक, लिंगाष्टक, रूद्राष्टक, बिल्वाष्टक जैसे नामों से प्रसिद्ध हैं। शिवाष्टकों की संख्या भी कम नहीं है। प्रस्तुत शिवाष्टक आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा रचित है। आठ पदों में विभक्त यह रचना परंब्रह्म शिव की पुजा एक उत्तम साधन है । Continue reading

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20
Apr

लिंगाष्टकम

   Posted by: विवेक    in स्त्रोत्

शिव की पुजा अनेको स्वरूप में होती है – साकार एवं निराकार। पर उनका लिंगस्वरूप सर्वाधिक प्रसिद्ध है। लिंगाष्टक उन्ही महादेव शिव के लिंग स्वरूप के गुणो का वर्णन करता है। Continue reading

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